श्री गुरूजी दृष्टी और दर्शन

श्री गुरूजी दृष्टी और दर्शन

  • Rs200.00

पू. श्री गुरूजी के ये विचार मात्र शब्द नहीं| यह उनके जीवन की दृष्टी है, वह शास्वत सनातन दर्शन है जिसको उन्होंने अपनी जीवन तपस्या से विश्वभर में प्रवर्तित व परावर्तित किया | अतएव इसका प्रत्येक अक्षर मनुष्य के जीवन में ध्याय दृष्टी, दिव्य जीवन की प्रेरणा व स्फूर्ति भरने का अतीव समर्य रखता है| यह संपूर्ण विश्व व मानवता के लिए हितकर अतएव श्रेयस्कर युनानुकुल निरूपण है| देश काल परिस्थिति के परे सृष्टि धारण करने वाले सत्य धर्मं की यहाँ अभिव्यक्ति है | सदा सर्वदा सभी मानवों के लिए यह सर्वथा स्वीकार्य यह वैश्विक जीवन दर्शन है| ध्येयनिष्ठ कार्यकर्ताओं के लिए तो यह अखंड प्रेरणा का अमृत पाथेय है| इसके पठन से हम श्री गुरूजी के राष्ट्र-हित समर्पित जीवन तथा अव्यभिचारी राष्ट्रनिष्ठा के पथ पर मार्गक्रमण करने की और बढ़ सकते है|

भाग -१ - महान विभूतया

भाग -२ - देश और देश की संतान 

भाग -३ - विश्व कल्याण और हिन्दू दर्शन 

भाग -४- धर्मं और संस्कृति 

भाग -५ - संगठन शास्त्र व तंत्र 

भाग -६ - उत्तरांश 

 

Write a review

Note: HTML is not translated!
    Bad           Good
Captcha

Tags: Shri Guruji Drushti Aur Darshan, श्री गुरूजी