संघ : बीज से वृक्ष

संघ : बीज से वृक्ष

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जितना विराट है संघ का आज का स्वरुप, उतना ही रहस्यमय है उसका उद्भव और उसकी विकास यात्रा | प्रसिद्धि   परान्ग्मुखता और गुमनामी के अँधेरे से बाहर निकलकर संघ आज प्रचार माध्यमों की जिज्ञासा और कौतुहल का केंद्र बन गया है किन्तु सार्वजनिक जीवन में पाश्चात्य  कार्य  पद्धति के अभ्यस्त मस्तिष्कों  के लिए यह समझाना कठिन हो रहा है की संघ का बीज कहा है और वह इतना विशाल वृक्ष कैसे बन गया उसका प्रारंभिक लक्ष्य क्या था,  उसने बीज से वृक्ष का रूप कैसे धारण किया उसकी प्रेरणा का स्त्रोत कहा है और उसकी कार्य पद्धति का वैशिष्ट्य क्या है?  इस पुस्तक में संगृहीत लेखों में ऐसी ही जिग्यसाओंका शमन करने का प्रयास किया गया है| 

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