प्रकाशक : अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना

  

 
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काँग्रेस : अंग्रेज भक्ति से राजसत्ता तक  

इस पुस्तक में कांग्रेस के इतिहास के बारे में कुछ संतुलित निष्कर्षों को रखने का प्रयत्न किया है| ग्रन्थ का उद्देश्य देश की नवयुवक पीढ़ी को कांग्रेस के जन्मदाता ह्युम से लेकर कांग्रेस की राजसत्ता प्राप्ती की कहानी को अति सूक्ष्म रूप में रखने का प्रयास किया है|

पुस्तक दो भागों में बांटा गया है| पहले भाग में कांग्रेस के जन्म से लेकर भारत के डोमिनियन स्टेट्स प्राप्ती का अति संक्षिप्त वर्णन है| यह अंग्रेजों की भक्ति से प्रारम्भ होता है| जिसमें क्रमश: उदारवादियों, राष्ट्रवादियों तथा समझौतावादियों का योगदान रहा, जिसकी समाप्ती कांग्रेस को ब्रिटिश सरकार से राजसत्ता का हस्तांतरण से हुई| पुस्तक के दूसरे भाग में कांग्रेस के कुछ विशिष्ट मुद्दों की चर्चा की है जो कांग्रेस के आन्दोलनों तथा गतिविधियों को समझने में सहायक होंगे| उन्हें केवल सार रूप में दिया है| इनमें कांग्रेस के बदलते संविधान, बदलते उद्देश्यों तथा राष्ट्रवाद या भारत राष्ट्र के बारे में उनकी सोच का अति संक्षेप में विश्‍लेषण किया है|

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लेखक : सतीशचंद्र मित्तल  

अंतरंग

प्राक्कथन

भाग एक : (१) कांग्रेस की स्थापना :  अंग्रेस भक्ति का प्रारम्भ, (२) उदारवादी कांग्रेस, (३) राष्ट्रवादी कांग्रेस, (४) समझौतावादी कांग्रेस, (५) राजसत्ता की प्राप्ती

भाग दो : (६) कांग्रेस का बदलता संवैधानिक ढ़ांचा, (७) पूर्ण स्वतन्त्रता कभी कांग्रेस का लक्ष्य नहीं रहा, (८) कांग्रेस का भ्रमित एवं छद्म राष्ट्रवाद

उपसंहार : कांग्रेस के अधिवेशन, स्थान तथा अध्यक्षों की सूची)

Book details:

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Pages : 176
ISBN No : 978-81-907895-6-1
Binding : Hard
Weight : 328 grams

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