प्रकाशक : अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना

  

 
Our Book Price: R 400.00

For Printed Books: Minimum order size is Rs. 200. Orders less than Rs. 200 will not be processed online.
Generally delivered in 6- 8 business days.

१८५७ का महासमर  

संपादक : राजेन्द्र कुशवाह

भारत के इतिहास का पुनर्लेखन भू-सांस्कृतिक क्षेत्र (जीओ-कल्चरल रिजन) के आधार पर होना चाहिए| प्रशासनिक जिले तो बदलते रहते है| इस को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के नवम्बर २००९ को कुरुक्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान अखिल भारतीय सेमीनार के ल्यिे दो विषय रखे गये| १. भारत की सांस्कृतिक जीवनधारा- सरस्वती तथा २. १८५७ के स्वातंत्र्य समर में अपने-अपने प्रान्त का योगदान|

इस ग्रन्थ में ‘१८५७ के स्वातंत्र्य समर में अपने-अपने प्रान्त का योगदान’ विषय पर प्रस्तुत शोध-पत्रों का संकलन किया गया है|

 

.

लेखक : संकलन  

-

अंतरंग

१. १८५७ के महासमर की योजना, २. प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ, ३. खदंगे-गदर-आंखों देखा घटनाक्रम, ४. सिपाही-विद्रोह और जफर, ५. सत्तावन के स्वातन्त्र्य संग्राम के शहीद, ६. ब्रजभाषी क्षेत्र में प्रथम विस्फोट, ७. १८५७ की क्रान्ति और हरियाणा, ८. महान योद्धा राव राजा तुलाराम, ९. पंजाब और १८५७ का संग्राम, १०. गोरखपुर क्षेत्र का योगदान, ११. उत्तर प्रदेश का पूर्वी अंचल, १२. बेथर रियासत की भूमिका, १३. बाबू कुंवर सिंह का योगदान, १४. समर के झारखण्डी अप्रतीम योद्धा, १५. चुटुपालू घाटी में विद्रोह, १६. वनवासियों की भूमिका, १७. बुन्देलखण्ड, १८. ग्वालियर, १९. लहार अंचल, २०. रायसेन क्षेत्र, २१. भोपाल रियासत, २२. मालवा, २३. मेवाड़, २४. कोटा, २५. राजस्थान, २६. गुजरात, २७. तात्या टोपे की कथित फांसी

Book details:

In Stock : 3
Pages : 584
ISBN No : -
Binding : Paper
Weight : 805 grams

Our Partners




Login Form
 
Username:
Password: